Photo Developing in my way


इस ब्लॉग को पढऩे वाले मेरे मित्रों को मैं ये बता देना चाहता हूं जो कि मेरा व्यक्तिगत अनुभव भी है कि अगर आप प्रिंट के लिए कोई फोटो बना रहे हैं यानि कि उसे पब्लिशिंग के लिए तैयार कर रहे हैं तो उसे CYMK/सीवायएमके में बनाना होगा पर CYMK/सीवायएमके में फोटो यूं ही बनानी शुरू की जाएगी तो दिक्कतें आ सकती हैं इसलिए पहले उसे JPG/जेपीजी इमेज के रूप में तैयार करें उसके बाद उसे सीवायएमके में बदल दें।
इमेज कम्प्रेशन वो प्रक्रिया है जिसमें सॉफ्टवेयर किसी भी इमेज (चित्र) की लंबाई और चौड़ा को न्यूनतम कर देता है। इस प्रक्रिया फोटो की बाइट्स कम हो जाती हैं, वजन में कम हो जाती है, पर इससे फोटो की गुणवत्ता पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता है। इस प्रक्रिया में फोटो-इमेज का वजन कम होने से अधिक फोटो-इमेज अपनी डिस्क में सेव की जा सकती हैं। इससे एक अन्य लाभ ये भी होता है कि वजन में कम होने से ये फाइलें इंटरनेट के जरिये कहीं भी आसानी से और कम समय में भेजी जा सकती हैं। ये फोटो-इमेज जेपीजी और आर्ट लाइन, ज्योमेट्रिकल इमेजेस में जिफ इमेज के रूप में मुख्यतया होती हैं।

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